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By Dr. A. Bhagwat
तुम-सी मैं, मुझ-से तुम, इक दूजे-से हम...
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सोचने वाली बात 06 | ज़िन्दगी यदि सवाल है तो जवाब भी ज़िन्दगी ही होना चाहिए…मौत नहीं !

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सोचने वाली बात 06 | ज़िन्दगी यदि सवाल है तो जवाब भी ज़िन्दगी ही होना चाहिए…मौत नहीं !

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गुलमोहर उदास है! | A Poem
'हाय-वे’ के किनारे… एक अकेला गुलमोहर ,बस रह गया है! “सड़क चौड़ीकरण” में उसका एक-एक साथी जाता रहा ! बस गुलमोहर ही रह गया है अकेला ! अफ़सोस है उसे अपने किनारे होने का…यूँ चीखा वो तब भी था जब कट रहे थे उसके हमसाये ! -“बख़्श दो इन्हें ! किस बात की सज़ा देते हो?? मगर सज़ा ये ‘उसके’ लिए थी ! अकेले छूट जाने की !
02:25
May 15, 2021
सोचने वाली बात 06 | ज़िन्दगी यदि सवाल है तो जवाब भी ज़िन्दगी ही होना चाहिए…मौत नहीं !
ज़िन्दगी यदि सवाल है तो जवाब भी ज़िन्दगी ही होना चाहिए…मौत नहीं! सोचनेवाली बात है न ! कि हमेशा तो नहीं !!! पर हाँ ! अक़्सर सवालों में ही कहीं छुपे होते हैं जवाब भी…..वैसे ही जवाबों का धुआं है, तो यक़ीनन सवालों की आग भी धधक ही रही होगी कहीं!! और जैसे लाजवाब होती हैं बाते कईं …..वैसे ही नहीं खोजे जाते हैं जवाब ,जिनके सवाल नहीं हुआ करते….और इसीलिए बरबस हम कह उठते हैं कई दफ़ा कि “सवाल ही नहीं उठता” (ग़ौर तलब है कि हमारी सोच,हमारा परसेप्शन भी सवालों को जवाब, और जवाबों को सवाल बनाने के लिए पर्याप्त होता है ।)
03:44
May 15, 2021
प्रार्थना का महत्व | Importance of Prayer | हम प्रार्थना क्यों करते हैं ?
सबसे पहले और सबसे आख़िर में भी जिसकी आवश्यकता बनी रहती है और बनी रहेगी हमेशा, वो सिर्फ़ और सिर्फ़ प्रार्थना ही है। क्योंकि वही हमारे जीवन का सुदृढ आधार भी है परन्तु दुःखद आश्चर्य है कि हम सभी ने प्रार्थना को केवल डर से, दुखों से,दर्द से, इच्छाओं से,आकांक्षाओं और अपेक्षाओं से ही जोड़े रख्हा है। जबकि सोच कर देखिए यदि केवल कुछ मांगने के लिए ही प्रार्थना में होते हैं हम ,तो हमसे बड़ा कोई याचक नहीं !  Read more - https://www.lifearia.com/importance-of-prayer-in-hindi/
05:18
April 20, 2021
विचार प्रबंधन | Thought Management | how to think positive ?
विचार प्रबंधन पर सुनिए विचार by Dr. A. Bhagwat एक विचार बस अभी अभी आया है । बस कुछ  ही क्षणों में ये बीत जाएगा बग़ैर अपनी कोई निशानी छोड़े  और  कोई दूसरा  विचार उसका स्थान ले लेगा फिर कुछ इसी तरह  तीसरा, चौथा  और  पाँचवा विचार ! विज्ञान कहता है कि प्रतिदिन हमारे मन में लगभग  50 हज़ार  विचार आते  हैं ।  और ये सभी हमनें  आमन्त्रित नहीं किए होते  वरन्  स्वतः आगमित होते हैं । हमारे लिए किसी सोचे हुए विषय या विचार  पर भी ; बहुत लम्बे समय तक बने रहना सम्भव नहीं है । कभी शीघ्र और कभी कुछ समयांतर पर कोई दूसरा , तीसरा विचार  बीच- बीच में हस्तक्षेप अवश्य  करता है । फिर हमें स्मरण होता है कि हम किसी विषय विशेष  पर  विचारमग्न थे और हम पुनः उसी विषय पर आने का प्रयास करते हैं । परन्तु  फिर कोई अन्य विचार हमें आकर्षित करता है और ये क्रम चलता रहता है....Read More..https://www.lifearia.com/how-to-think-positive-in-hindi/
07:21
April 20, 2021
Earth Day Special | पृथ्वी के पक्ष में पेड़ों के हक़ में… | 22 April
प्यारे दोस्तों, आप सभी को पृथ्वी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं !! बात पृथ्वी की होगी तो पेड़ों तक भी पहुँचेगी । वो पेड़ जो लाख़ झड़ चुके पत्तों के बावज़ूद खड़े रहा करते हैं , फ़िर लौटने वाली बहारों की ख़ातिर …कि ज़रुर वो उगे थे कोमलता को लिए …हरदम बदलते मौसमों को बर्दाश्त करते हुए भी…वो बने रहें ,वो बने रहेंगे…कि बने रहना ही फ़ितरत है उनकी….वो यही सिखाते भी हैं कि बने रहो बस……बदलो जितना मुमकिन है बदलना…..छोड़ों जितना मुमकिन है छोड़ा जाना ……उतना ही लो जितना हो ज़रूरी….. https://www.lifearia.com/earth-day-2021-in-hindi/
02:38
April 20, 2021
सोचने वाली बात 05 | Love You Zindagi
सुनो ! खाना ठंडा हो रहा है जल्दी खाओ ! ट्रेन निकलने को है, जल्दी पकड़ो भाई ! ऑफ़िस नहीं जाना क्या ? उठो जल्दी उठो ! कबतक सोते रहोगे ? परीक्षाएं सर पर हैं ,चलो उठो ,पढ़ाई करो !  अलग करो भाई! गिला और सूखा कचरा, कचरा गाड़ी आगे निकल जाएगी! अरे! बंद करो कुकर तीन सिटी आ चुकी है !जल्दी बंद करो मोटर, पानी की टँकी ओवर फ्लो हुए जा रही है!!! उफ़!!! क्या भागम भाग है न !!
02:47
April 20, 2021
सोचने वाली बात 04 | दिल पर ले ले यार... और दिमाग पर भी
पंछी को क्या पता कि कौन शिकारी घात लगाए बैठा है...कल मिला था जो दाना पानी वो आज नसीब भी होगा या नहीं !! पर इस एक ख़याल से ही वो रद्द नहीं कर देता उड़ानें अपनी ! कि उसको यक़ीन है अपने पंखों से कहीं ज़्यादा अपनी परवाज़ों पर, अपने फैसलों पर, अपने हौसलों पर ! और इसीलिए वो बैठा नहीं रहता शाखों पर, घोंसलों  में....भूख प्यास से मर जाने के लिए !!.............
03:35
April 20, 2021
सोचने वाली बात 03 | क्या ये भी दूसरे ही तय करेंगे कि हमारे जीने की दशा और दिशा क्या होगी !
आपने देखा होगा कि अक्सर  हमारे परिवार में ही ,हमारा कोई अपना ही, ऐसा होता है जो परिवार के बाक़ी दूसरे सदस्यों के लिए आफत बना होता है ! बाक़ी सारे उसके व्यवहार से हैरान - परेशान होते रहते हैं ! पर कुछ कह नहीं पाते ! कुछ कर नहीं पाते !  डर, असुरक्षा या लोक लिहाज़ के चलते !..............
04:43
April 20, 2021
सोचने वाली बात 01 | अक्सर हम सोचा हुआ क्यों नहीं कर पाते ?
स्वागत है आप सभी का आपके अपने "लाइफेरिया" के इस मंच पर जहां आज हम शुरुवात कर रहे हैं श्रृंखला  "सोचनेवाली बात" Visit our website - https://www.lifearia.com
03:23
April 20, 2021
No school = No Fees = No Salary = No Teachers = No Education
While the world suffers due to the impact of this Pandemic (COVID19) , all the sectors including the education sector is facing a lot of difficulties in being able to manage studies through online platforms. At the same time the lack of support shown by the parents associations is a big challenge in front of educational institutions.
05:16
April 16, 2021
Mind During The Covid19 Era (कॅरोना मनस्थिति)
This video portrays the journey that our mind has gone through in the last few months... All the quotes are created by Dr. A. Bhagwat.  Hope you like it
04:23
April 16, 2021
कॅरोना का ख़त, सेनेटाइज़र के नाम | letter of corona, name of sanitizer
It is human tendency to first make jokes then take things seriously and at last start the cycle again. Perhaps this is what happened during the pandemic.   Here's a poem written and recited by Dr. Bhagwat !  Hope you like it...
03:14
April 16, 2021
दरवाज़ें | The Doors
Another poem written and recited by Dr. Bhagwat
01:21
April 16, 2021
Ekaant (एकांत) Alone
जानिए इस कॅरोना काल में एकांत का महत्व, डॉ. भागवत की स्वरचित कविता 'एकांत' के माध्यम से ...
01:08
April 16, 2021
आलिंगन | Embrace Love
Poem was written and recited by Dr. A. Bhagwat.
01:33
April 16, 2021
ज़िन्दगी पॉज़िटिव, कॅरोना नेगेटिव | life positive, corona negative
Lifearia aims at spreading positivity in such difficult times..
02:51
April 16, 2021
नेकी की दीवार | Goodness Wall
Neki Ki Deewar; a poem written and recited by Dr. A. Bhagwat
01:12
April 16, 2021
तुम पंछी मैं शाख़ | You bird, I am Branch
beautiful poem was written and recited by Dr. A. Bhagwat
01:33
April 16, 2021
Parents | अभिभावक
A poem written and recited by Dr. Anamika Bhagwat
05:54
April 15, 2021
Khidki | खिड़की
Poem 'Khidki' written and recited by Dr. A. Bhagwat
00:42
April 15, 2021
Candle | मोम
The real reason behind why a candle burns
01:20
April 15, 2021
Rishtey | रिश्ते
Lifearia presents the poem 'Rishtey' written by Dr. A. Bhagwat.
01:18
April 15, 2021
Khwaab - a memory, a dream
Poem - Khwaab Written and Recited by Dr.A. Bhagwat
01:10
April 15, 2021
Mohabbat | मोहब्बत
Have you ever fallen in love but never expressed it ?? Here's a poem for all such people out there !!
01:53
April 15, 2021
कोना | Corner
The poem "Kona" written and recited by Dr. A. Bhagwat.
00:44
April 15, 2021
Uljhan (उलझन-सुलझन के परे)
Poem written and recited by Dr. A. Bhagwat
00:53
April 15, 2021
Baarish | बारिश
Memories and rain always make us nostalgic. Presenting another poem by Dr. A. Bhagwat written during the first rain of the year !!
02:05
April 15, 2021
Main Tumse Pyar Karti Hoon | A Poem on Life
How often do we think of embracing that one thing we love the most?  A मैं तुमसे प्यार करती हूँ poem by Dr. A. Bhagwat on life
01:39
April 14, 2021
Parenting
Today parenting is more than just raising children rather it is the contribution of all the parents in shaping our next generation. Let us hear the view of Dr. Bhagwat from one of her seminars on Parenting. Hope you like it.
05:54
April 14, 2021
Lockdown and Life
Lockdown and Life in pandemic time (Corona Time)
04:43
April 14, 2021
A letter against Suicide by Dr. Anamika Bhagwat
This audio was made keeping in mind all those people who were going through hardships and thinking of taking the wrong step. My dears I hope this audio helps you come out of darkness and emerge victoriously!!
07:41
April 14, 2021
Tulip Garden During Lockdown | Lifearia
Today, when the entire world has come to a grinding halt due to the COVID-19 pandemic nature, is teaching us how to sustain and stay positive.  Enjoy the poem अंतस का बागीचा by Dr. Anamika Bhagwat. more for visit: https://www.lifearia.com
03:21
April 9, 2021